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पैर के मुकाबले हाथ के नाखून जल्दी क्यों बढ़ते है, Amazing Facts Hindi


दोस्तो आज मैं आपको हमारे शरीर से जुड़े कुछ ऐसे मज़ेदार फैक्ट्स बताने जा रहा हु जिनके बारे में सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। आशा करता हु की हमारा ये पोस्ट आपको जरूर पसंद आएगा।


पैर के मुकाबले हाथ के नाखून तेज़ी से क्यों बढ़ते है
दोस्तो हाथ की उंगलियों के नाखून को जड़ से आगे बढ़ने में 6 महीनों का वक्त लगता हैं जबकि पैर की उंगलियों के नाखून को साल भर का समय लग जाता है। हमारे नाखून कैराटिन नाम के एक प्रोटीन से बनते हैं। इनकी जड़ उँगली की खाल के भीतर होती है और नाखून का यही भाग जीवित होता है। जो नाखून हम काटते है वो इनका मृतक हिस्सा होता है। इसीलिए जब हम नाखून काटते हैं तो हमें कोई तकलीफ़ नहीं होती। हाथ की उंगलियों के नाखून के अधिक तेज़ी से बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। हाथ की उंगलियां बराबर हरकत में रहती हैं, इसलिए उन्हे खून की सप्लाई अधिक मिलती है, उन्हे पानी, धूप और हवा भी ज़्यादा मिलती है, फिर खुले में होने की वजह से उनकी टूट फूट अधिक होती है और कुछ आनुवांशिक कारण भी होते हैं।

हमे प्यास क्यों लगती है
दोस्तो हमें प्यास इसलिए लगती है क्योंकि हमारा शरीर जिन तत्वों से बना है उनमें दो तिहाई पानी है। पानी के बिना हम पाँच जा दस दिन से ज़्यादा जीवित नहीं रह सकते। रोज़ कोई तीन लीटर पानी हमारे शरीर से निकल जाता है, आधा लीटर पसीने में, एक लीटर सांस छोड़ने में और डेढ़ लीटर पेशाब में। अगर हम रोज़ तीन लीटर पानी नहीं पिएंगे तो हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाएगी। मतलब ये कि हमें 6 से 8 गिलास पानी रोज़ पीना चाहिए। इसमें चाय, कॉफ़ी और कोका कोला जैसे पेय शामिल नहीं हैं क्योंकि इनमें मौजूद कैफ़ीन दरस्ल पानी को सोख लेती है। हां दूध, फलों का रस या सब्जियों का सूप पानी की कमी को अवश्य पूरा करते है।

हमे डकार क्यों आते है
डकार आना एक ऐसी प्रक्रिया है, जिस से पेट में एकत्रित हवा बाहर आती है। खाना खाते समय कई बार मुंह खोलने से हवा हमारे पेट के अन्दर चली जाती है। हमारी भोजन नली में छाती और पेट के बीच एक दरवाजा होता है, जो भोज्य पदार्थों को निगलते समय खुल जाता है और भोजन के पेट में प्रवेश करने के बाद बंद हो जाता है। यही दरवाजा पाचक रसों को बाहर आने से रोकता है। इस क्रिया के बाद हमारे पेट में कुछ हवा एकत्रित हो जाती है। जब पेट में काफी गैस और हवा एकत्रित हो जाती है तो मस्तिष्क से इन गैसों को बाहर निकालने का सन्देश आता है।
इस सन्देश के कारण पेट की मांसपेशियां सख्त हो जाती है, जिस से यह दरवाजा पल भर के लिए खुलता है और डकार के रूप में हवा गले और मुंह से होती हुई बाहर निकलती है। जब हवा पेट से नली में आती है तो कम्पन्न करने लगती है, इसी कारण से डकार में आवाज़ पैदा होती है।

हमारा एक पैर दूसरे से बड़ा क्यों होता है
दोस्तो यदि दोनों पैरों को ध्यान से नापा जाये तो दायां पैर बाएं पैर कि अपेक्षा कुछ बड़ा दिखेगा। हमारे शरीर की रचना पूरी तरह से समान नहीं होती है। हमारा दिल बाई ओर होता है जबकि लीवर दाई तरफ। शरीर कि अन्दर कि संरचना पूरी तरह से संतुलन में नहीं होती। इसी के चलते दोनों तरफ के अंगों और हड्डियों का विकास भी समान नहीं होता। इसी असमान विकास के कारण हमारा दायां पैर बाएं पैर से कुछ बड़ा होता है। दायें अंगों के विकास के बारे में कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि लगभग 96% व्यक्ति दायें हाथ से व 4% व्यक्ति बाएं हाथ से काम करते हैं। दायें अंगों से अधिक काम लेने से ही उनका विकास बाएं अंगों कि तुलना में अधिक होता है।



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