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डूबने के बाद शरीर पानी के ऊपर क्यों तैरने लगता है और शव हमेशा उल्टा ही क्यों तैरता है?

दोस्तो अपने अक्सर देखा होगा कि पानी मे डूबने के कुछ दिनों बाद मृतक इंसान का शव पानी के ऊपर तैरने लगता है। शव को जब पानी से बाहर निकाला जाता है तो ऐसा लगता है जैसे शरीर मे काफी मात्रा में हवा भर दी गयी हो। ऐसा क्यों होता है और इसके पीछे क्या वैज्ञानिक तथ्य है, इसकी जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिलेगी।

दोस्तों आपको बता दें कि कोई भी इंसान पानी में तब पूरी तरह डूबता है जब उसके फेफड़ों में मौजूद हवा की जगह पानी भर जाए। पानी में डूबे हुए व्यक्ति का शरीर तब तक पानी के अंदर रहता है जब तक उस व्यक्ति की छाती और पेट में मौजूद बैक्टीरिया कुछ गैसें जैसे कि मिथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड और कार्बन डाइऑक्साइड आदि का निर्माण ना कर ले। पानी मे डूबे व्यक्ति के शरीर मे ये सारी गैसें बनने में लगभग 2 हफ्ते का समय लग जाता है और जब इन गैसों से शरीर भर जाता है तब मृतक इंसान की बॉडी गुबारे की तरह पानी के ऊपर तैरने लगती है।

दोस्तो शायद आपने देखा होगा कि पानी मे डूबे हुए व्यक्ति का शव हमेशा उल्टा तैरता है, जानि चेहरा और हाथ पैर पानी के अंदर डूबे हुए होते है। ऐसा दरअसल इस लिए होता है क्योंकि शरीर में काफी सारी गैसें बनने से बॉडी हल्की हो जाती है और किसी गुबारे की तरह उसमे उशाल पैदा हो जाता है। इससे शरीर उल्टा होकर पानी के ऊपर तैरने लगता है।

शव अगर काफी लंबे समय तक पानी के ऊपर तैरता रहे तो इसके अंदर बनी गैसें धीरे धीरे निकलने लगती है, जिससे शव द्वारा से पानी के अंदर डूब जाता है और अंदर ही गलने सड़ने लगती है।


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