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अपने आप को गुदगुदी करने पर हंसी क्यों नही आती? बेहद मज़ेदार है कारण

दोस्तों जब भी कोई व्यक्ति हमें पेट के आसपास टच करता है तो हमें गुदगुदी होने लगती है और हम ऊंची ऊंची हंसने लगते हैं, लेकिन जब हम खुद अपने शरीर में गुदगुदी करते हैं तो किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं आती। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है अगर नहीं सोचा है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हमारा दिमाग कुछ इस तरह से प्रोग्राम हुआ है कि वह पता लगा लेता है कि बाहरी संवेदना कौन सी है और आंतरिक संवेदना कौन सी है।


दोस्तो हमारा दिमाग उन संकेतों की ज्यादातर अनदेखी करता है जो संकेत अंतरिक होते है, जानि की जो संकेत हम खुद अपनी बॉडी को देते हैं। जब कोई दूसरा व्यक्ति हमें गुदगुदी करता है तो उस से आने वाली हंसी दरअसल पैनिक अटैक का एक रुप होती है, जिसके चलते हमारा दिमाग प्रतिक्रिया करता है और हम अपने आप को सुरक्षित करने के लिए हंसने लगते हैं या फिर अपनी बॉडी को इधर उधर मूव करने लगते हैं।

जब हम खुद अपने आप को गुदगुदा ते हैं तो दिमाग किसी तरह का कोई खतरा महसूस नहीं करता, जिसके चलते हमारी बॉडी कोई प्रतिक्रिया नहीं देती। हमारे शरीर में होने वाली इन सभी गतिविधियों को दिमाग के पिछले हिस्से में मौजूद सेरिबैलम कंट्रोल करता है।

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