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गांजा जा चरस पीने से भूख क्यों लगती है? चरस और गांजा क्या अंतर होता है

दोस्तों चरस जा फिर गांजा दो ऐसे नशे हैं जो कुछ ही पलो में आपके दिमाग के ऊपर असर करना शुरू कर देते हैं। आपको बता दें कि चरस और गांजा दरअसल एक ही प्रजाति के पौधों से तैयार होते हैं, फर्क सिर्फ इतना है कि गांजा इस पौधे की मादा प्रजाति के फूलों को सुखा कर तैयार किया जाता है और चरस इस पौधे की नर प्रजाति के पत्तो से निकलने वाला एक चिपचिपा रेसिन होता है।


इन पौधों में एक खास तरह का केमिकल मौजूद होता है, जिसे THC जानि Tetrahedral cannabinoid कहा जाता है। यही केमिकल इन पौधों में नशे का खास स्रोत होता है। जब कोई शख्स चरस जा गांजे का सेवन करता है तो उसकी मीठा जा तला हुआ खाना खाने की इच्छा बेसब्री से बढ़ने लगती है। दोस्तो ऐसा क्यों होता है इसका कारण काफी दिलचस्प है।


एक रिसर्च के मुताबिक इस पौधे में मौजूद THC नामक केमिकल सीधा हमारे दिमाग के endocannabinoid complex नामक हिस्से को हिट करता है। ये हमारे दिमाग का वो हिस्सा है जो हमारी खाने पीने की गतिविधियों को कंट्रोल करता है। THC दरअसल हमारे दिमाग में मौजूद उन रिसेप्टर्स के साथ छेड़छाड़ करता है जो हमारे इमोशन्स, स्मेल और टेस्ट करने की प्रतिक्रिया को कंट्रोल करते हैं। THC के कारण हमारा दिमाग ghrelin नामक एक खास हार्मोन रिलीज करता है, जो हमारी भूख को तेजी से बड़ा देता है।

इसके साथ THC हमारे  दिमाग के olfactory bulb रिसेप्टर्स के साथ भी छेड़छाड़ करता है, जिससे हमारी सूंघने की शक्ति पहले से कही ज्यादा बढ़ जाती है और खाने की तरफ हम आकर्षित होने लगते है। THC के कारण हमारा दिमाग ज्यादा मात्रा में डोपामाइन नामक केमिकल रिलीज करने लगता है। आपको बता दे कि डोपामाइन एक तरह का न्यूरोट्रांसमीटर केमिकल है, जो हमे खुशी का एहसास करवाता है।

THC के कारण जब ज्यादा मात्रा में डोपामाइन रिलीज होता है, तब हमे खाने में पहले से कही ज्यादा मज़ा आने लगता है। THC हमारे दिमाग के उन सभी हिस्सों को बिल्कुल ब्लॉक कर देता है जो हमारी भूख को कंट्रोल करते हैं। इसी वजह से गांजा और चरस लेने के बाद हमारा भूख के ऊपर कोई कंट्रोल नहीं रहता और जो सामने हो हम खाने लगते है।

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