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जानिए अमरबेल को अमर क्यों कहा जाता है?

दोस्तो अमर बेल के बारे में अपने जरूर पड़ा जा सुना होगा। ये बेल अक्सर बड़े-बड़े पेड़ो पर लिपटी हुई दिखाई देती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमरबेल के आगे अमर क्यों लगाया जाता है, अगर नही जानते तो इस पोस्ट को आखिर तक जरूर पढ़े।


अमरबेल दरअसल पेड़ों के ऊपर पनपने वाली एक शाकाहारी परजीवी बेल है। इस बेल का अगर छोटा सा टुकड़ा किसी पेड़ के ऊपर डाल दिया जाए, तो वह पेड़ के पोषक तत्वों को चूसकर लगातार बढ़ता चला जाता है और कुछ ही दिनों में पेड़ को सुखाकर नष्ट कर देता है। इस विनाशकारी बेल की कोई जड़ भी नही होती। इसका बीज थोड़ी सी ही नमी पाकर अंकुरित हो जाता है और किसी पेड़ के साथ परजीवी की तरह चिपक जाता है।

ये बेल किसी पेड़ के साथ चिपक कर उसकी टहनियों में मौजूद छोटे छोटे सुराखों में घुसने लगती है और उस पेड़ में मौजूद पानी और जरूरी तत्वों को अपने विकास के लिए सोखने लगती है। उदहारण के तौर पर जिस तरह हमारे सिर में जुएं हमारा खून पीकर बढ़ती हैं उसी तरह ये बेल पेड़ो का खून पीकर बढ़ती है।

दोस्तो हैरानी की बात यह है कि अगर इस बेल को कोई पेड़ न मिले तो ये अपनी ही पुरानी शाखाओं से लिपट जाती है और उनमें मौजूद जरूरी तत्वों को सोखकर उन्हें भी खत्म कर देती है। कई बार पेड़ों के ऊपर ये बेल सूखी हुई नजर आती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि बेल खत्म हो गई है, बल्कि इसका मतलब यह है कि अब पेड़ के अंदर पोषक तत्व नहीं बचे हैं। पेड़ जब द्वारा हरा होता है तो ये बेल फिर से पनपने लगती है।

इस बेल को पेड़ से खत्म करने के लिए कोई दवा भी असर नहीं करती। अमरबेल को खत्म करने के लिए किसी एसिड का प्रयोग करने पर पेड़ को ही नुकसान पहुंचता है। अमरबेल से पेड़ को मुक्त करने के लिए इसे पेड़ से पूरी तरह हटाना जरूरी होता है। अगर पेड़ पर अमरबेल का छोटा सा टुकड़ा भी रह जाए तो वह फिर से पेड़ पर फैल जाता है। तो दोस्तो आसानी से नष्ट न होने की वजह से ही इस बेल को अमरबेल कहा जाता है।

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