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Testis से कुछ टकराने पर जानलेवा दर्द क्यों होता है? हमारे टेस्टिस बॉडी के अंदर क्यों नही होते

दोस्तो अगर आप लड़के हैं तो आपने अक्सर नोटिस किया होगा कि जब भी हमारे पेट के निचले हिस्से जानी 'टेस्टिस' पर कोई चीज़ टकराती है तो हमे बर्दाश्त न होने वाला दर्द महसूस होता है और हालत ऐसी हो जाती है कि हम उल्टे बल ज़मीन के ऊपर लेटने लगते है। क्या आपको पता है कि शरीर के किसी दूसरे हिस्से के मुकाबले इस हिस्से पर चोट लगने से ज्यादा दर्द क्यों होता, अगर नही पता तो आपकी जानकारी के लिए बता दे कि हमारी बॉडी के लगभग सभी अहम हिस्से मासपेशियों से डके होते हैं और ये मासपेशियां इन सभी जरूरी हिस्सों का बाहरी चोट से बचाव करती है। 


टेस्टिस हमारी बॉडी का एक अहम हिस्सा है, जो मर्दो के शरीर मे वीर्य का निर्माण करता है। टेस्टिस में चोट लगने से जो जानलेवा दर्द होता है उसका एक कारण ये है कि इस हिस्से में शरीर के दूसरे हिस्सों के मुकाबले सबसे ज्यादा नर्वस मौजूद होती है, जिसके चलते ये हिस्सा काफी ज्यादा सेंसटिव बन जाता है और दूसरा कारण ये है कि टेस्टिस की प्रोटेक्शन के लिए मसल्स मौजूद नही होते। इस हिस्से में मसल्स न होने की वजह से छोटी सी चोट भी बहुत बड़ी महसूस होती है और काफी ज्यादा दर्द महसूस होता है।

आपने अक्सर नोटिस किया होगा कि जब हमारे टेस्टिस में चोट लगती है तो उसका दर्द हमारे पेट मे भी महसूस होता है। मेडिकल भाषा मे इस दर्द को referred pain कहा जाता है। ऐसा दरअसल इस लिए होता है क्योंकि हमारे टेस्टिस पेट के निचले हिस्से से जुड़े होते है और जो नर्वस होती है वो पेट से होते हुए टेस्टिस में प्रवेश करती है। इसलिए जब टेस्टिस पर चोट लगती है तो हमारे पेट के निचले हिस्से में भी दर्द महसूस होता है।

आपके दिमाग मे कभी कभी ये सवाल जरूर उठा होगा कि आखिर टेस्टिस बॉडी के अंदर होने की बजाए बाहर क्यों होते? इसका जवाब बेहद इंटरेस्टिंग है। दरअसल हमारी बॉडी का तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस होता है और टेस्टिस को वीर्य का निर्माण करने के लिए 35 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत पड़ती है। इसी तापमान को कायम रखने के लिए टेस्टिस बॉडी के अंदर होने की बजाए बाहर लटके होते है।

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